पंचवर्षीय योजना का इतिहास – जानें सभी 12 योजनाएं और उनके लक्ष्य
🔰 परिचय
भारत को आज़ादी 15 अगस्त 1947 को मिली। आज़ादी के बाद देश की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति के लिए एक मजबूत योजना की ज़रूरत थी। इसी कारण भारत सरकार ने “पंचवर्षीय योजना” (Five Year Plan) की शुरुआत की, जिससे देश का हर क्षेत्र में संतुलित विकास हो सके। यह योजनाएं योजना आयोग (Planning Commission) द्वारा बनाई जाती थीं।
यह लेख खासतौर पर छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए लिखा गया है, जिससे उन्हें परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर आसानी से मिल सकें।
🔍 पंचवर्षीय योजना क्या होती है?
पंचवर्षीय योजना एक ऐसी योजना होती है जिसमें पांच वर्षों के लिए आर्थिक और सामाजिक विकास के लक्ष्य तय किए जाते हैं। इसमें कृषि, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

महत्वपूर्ण पंचवर्षीय योजनाएं (1951 से अब तक)
1️⃣ पहली योजना (1951–1956)
मुख्य फोकस: कृषि और सिंचाई
उद्देश्य: खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाना
प्रमुख योजना: भाखड़ा नांगल डैम
सफलता: कृषि में विकास हुआ
2️⃣ दूसरी योजना (1956–1961)
मुख्य फोकस: औद्योगिक विकास
मॉडल: महालनोबिस मॉडल अपनाया गया
नई फैक्ट्रियां: भारी उद्योगों को प्राथमिकता
3️⃣ तीसरी योजना (1961–1966)
मुख्य फोकस: स्वतंत्र अर्थव्यवस्था
समस्या: भारत-चीन युद्ध (1962) और सूखा
परिणाम: योजना पूरी तरह सफल नहीं हो पाई
🛑 1966–1969: योजना अवकाश (Plan Holiday)
तीसरी योजना की असफलता के कारण तीन सालों का अंतराल रखा गया। इस दौरान वार्षिक योजनाएं चलाई गईं।
4️⃣ चौथी योजना (1969–1974)
उद्देश्य: ‘ग़रीबी हटाओ’
नेता: इंदिरा गांधी
फोकस: ग्रामीण विकास और रोजगार
5️⃣ पांचवीं योजना (1974–1979)
फोकस: गरीबी उन्मूलन, आत्मनिर्भरता
परिणाम: देश में खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि
Note : 1978 में योजना आयोग भंग – जनता पार्टी की सरकार ने इसे रोका, लेकिन इंदिरा गांधी के लौटने पर योजना फिर से शुरू की गई।
आगे की योजनाएं: 6th To 12th Yojana
भारत में कुल 12 पंचवर्षीय योजनाएं चलाई गईं:
योजना अवधि मुख्य उद्देश्य
6वीं 1980–85 गरीबी हटाना, तकनीक विकास
7वीं 1985–90 उत्पादन क्षमता बढ़ाना
8वीं 1992–97 आर्थिक उदारीकरण, LPG नीति
9वीं 1997–2002 सामाजिक न्याय और समानता
10वीं 2002–2007 रोजगार सृजन, शिक्षा
11वीं 2007–2012 तेज़ और समावेशी विकास
12वीं 2012–2017 ‘तेज़, टिकाऊ और समावेशी विकास’
🛑 पंचवर्षीय योजनाओं का अंत
2014 में योजना आयोग को समाप्त कर दिया गया और उसकी जगह “नीति आयोग (NITI Aayog)” की स्थापना की गई। अब पंचवर्षीय योजनाओं की जगह लचीली और लक्ष्य आधारित योजनाएं बनाई जा रही हैं।
📚 प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी तथ्य
पहली योजना: 1951, कृषि पर फोकस
दूसरी योजना: भारी उद्योग, महालनोबिस मॉडल
योजना आयोग का गठन: 1950
नीति आयोग की स्थापना: 1 जनवरी 2015
अंतिम पंचवर्षीय योजना: 12वीं योजना (2012–17)
✅ निष्कर्ष
भारत की पंचवर्षीय योजनाएं देश को आत्मनिर्भर और विकासशील बनाने में एक मजबूत कदम थीं। इन योजनाओं के माध्यम से भारत ने कृषि, उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य में कई उपलब्धियां हासिल कीं। प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर इन योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं, इसलिए यह विषय समझना बेहद जरूरी है।
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